शादी के पहले और बाद के प्यार में 10 अंतर || Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar

Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar-

जब हम किसी से प्यार करते है । तो जिंदगी बहुत ही हसींन लगती है। हम अपने प्यार के हर छोटी-बड़ी गलती को आसानी स्वविकार कर लेते है। दिन-रात उसी के ख्यालों में डूबे रहते है। अपनी गिर्ल्फ्रेंड के हर दर्द में दर्द महसूस करते है।

ऐसे में प्यार को परिभाषित कर पाना मुश्किल है। प्यार एक अलग अदृश्य दुनिया होती है। जिसमे सिर्फ प्रेमी और प्रेमिका ही रहते है। उस दुनिया को सजोये रखकर शादी तक का सफर तय करना चाहते है।

ऐसे आइये जानते है। लव में कैसे शादी के पहले कैसे फील करते है। Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Kya Antar Hota Hai

  1. गर्लफ्रेंड की हर छोटी बड़ी प्रॉब्लम में अंतरात्मा से परेशान हो जाते है।
  2. हर पल हाथों में हाथ होता है।
  3. एक दूसरे को देखने के लिए बेचैन रहते है।
  4. हमेशा नई नई जगह पर घूमने के प्लानिंग करते है।
  5. स्पेशल डे पर स्पेशल फील करने का प्रयास करते है।
  6. एक दूसरे से मिलने के लिए तड़फते है।
  7. एक दूसरे का केयर करते है।
  8. प्यार में जान तक देने को तैयार रहते है।
  9. हर पल रोमांश से भरा होता है।
  10. हमेशा lovers की बातों में खोये रहते है।
  11. कॉल का इन्तजार करना।
  12. एक दूसरे को बिजी होते हुए भी समय देना।

शादी के पहले प्यार और बाद के प्यार में क्या अंतर || Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar

यह आपके लिए बड़ा रोचक और महत्वपूर्ण होगा । आपको बता दें, शादी के बाद जो प्यार मिलता है । वास्तव में बेहद भावपूर्ण होता है । इसमें किसी को खोने का डर नहीं होता है । शादी के बाद के प्यार में आपको आकर्षित करने के लिए कोई प्रयास को जरूरत नहीं होती है ।

जबकि वही शादी के पहले प्यार में लवर्स एक दूसरे को आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करते है । और जब प्रयास करना बंद कर देते है । तो प्यार भी कम होने लगता है ।

आपको अपने प्यार को खोने का डर बना रहता है । जबकि शादी के बाद वाले प्यार में ऐसा बिलकुल भी नहीं है । आप यहां अपने प्यार के प्रति निश्चिंत रहते है ।

आपको शादी के बाद वाले प्यार में विश्वास, अपनापन, सहयोग ये सब ऑटोमैटिक मिलता है । जबकि शादी के पहले वाले प्यार में आपको इन सब चीजों को पाने के लिए अथक प्रयास करना पड़ता है । उसके बावजूद भी प्यार में विश्वास अपनापन और सहयोग नहीं मिल पाता है ।

अगर आपकी शादी हो चुकी है । और आपके पास शादी के पहले भी गर्लफ्रेंड थी । तो आप एक काम करो । थोड़ी देर के लिए पोस्ट पड़ना बंद कर दो । और अब सोचना स्टार्ट करो । क्या अंतर आपको नजर आ रहा है ।

अब बताओ , शादी के पहले प्यार और शादी के बाद के प्यार में क्या अंतर मिला। हमे आशा है , आप वास्तव में एक बेहतर अनुभव कर पाएंगे। आपको बता दें,एक प्राइवेट और सरकारी नौकरी में जमीन आसमान का फर्क होता है। दोनो में पैसे तो मिलते है।

लेकिन आपको प्राइवेट में अथक प्रयास के बाद मिलता है । उसके बाद जॉब का भरोसा भी नहीं होता है ।  जबकि वही सरकारी नौकरी में ऐसा बिल्कुल भी नही है । वहा आपको नौकरी खोने का डर नहीं रहता है । जीवन भर का साथ रहता है।

आपको बता दे, आज का मिथ है , समाज में अधिकाधिक प्रेमी प्रेमिका देखने को मिलते है। आज युवाओं के लिए यह जरूरी है। की बिना शादी के ही प्रेम संबंध में आ जाते है। और एक दूसरे से गहराई से जुड़ जाते है ।

हमने एक युवती के मुख से सुना था, की प्रेमी और प्रेमिका का संबंध सिर्फ समय को काटना होता है या बिताना होता है। जबकि पति पत्नी का संबंध जीवन यापन होता है।

जीवन को ऊंचाई पर ले जाना होता है। पति पत्नी का ही एक रिश्ता है जहा पर भविष्य को लेकर चिंता होती है । बच्चे को लेकर चिंता होती है।

जबकि एक प्रेमी प्रेमिका के संबंध में यह बिल्कुल भी नही होता है । यहां की जिंदगी कई मामले में टेंशन फ्री होती है। कई मामले में झूठ पर टिकी होती है।

इसके अलावा चापलूसी की कोई सीमा नहीं होती है । जबकि पति पत्नी के प्यार में ऐसा नहीं है । यहां प्रेमी प्रेमिका के सोच से विपरित सोच होती है।

पति पत्नी के प्यार को यह भी कहा जा सकता है यहा दो आत्माओं का वास्तविक मिलन होता है। दो आत्माओं को वास्तविक प्यार का मतलब सही मायने में समझ में आता है । दोनो एक दूसरे के प्रति सच्ची निष्ठा और विश्वास के साथ जुड़े होते है।

प्रेमी प्रेमिका और पति पत्नी के प्यार में 10 अंतर || Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Kya Antar Hota Hai

शादी के पहले और बाद के प्यार में 10 अंतर Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar
शादी के पहले और बाद के प्यार में 10 अंतर Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar
  • शादी के बंधन में जुड़ने के बाद कही अधिक गहरा होता है ।
  • प्रेमी प्रेमिका के साथ कई मामले में अधिक formality देखने को मिलती है।
  • पति पत्नी के प्यार में फॉर्मेलिटी नहीं होती है ।
  • पति पत्नी में नाराजगी होने पर प्यार खोने का डर नही होता है।
  • जबकि प्रेमी प्रेमिका में नाराजगी में प्यार खोने का अधिक डर होता है।
  • प्रेमी प्रेमिका में प्यार को बढ़ाने की टेंशन होती है ।
  • जबकि शादी के बाद वाले प्यार में ऐसा नहीं होता है ।
  • आपको बता दें वास्तव में प्रेमी और प्रेमिका के प्यार में और शादी के प्यार विशेष अंतर होता है।
  • लेकिन एक सच यह भी है , हमने जितनी आसानी से इस प्रश्न का जवाब दे दिया। उतना आसान भी नहीं है।
  • क्या शादी के बाद भी अपनी प्रेमिका के साथ रह सकते है ?

आप बता दें क्या शादी के बाद भी अपनी प्रेमिका के साथ संबंध रखना बेहद जटिलता पूर्ण है । जब आप शादी के बाद भी अपनी प्रेमिका से संबंध रखते है ।

तो असमंजस रहते है । आप ये नही समझ पाते है आखिर क्या करू । किसे प्यार दू। आपको पत्नी के जान जाने का डर होता है।

कही मेरी पत्नी जान गई तो क्या होगा। आप एक अच्छे खासे तनाव में जीने लगते है । आपकी लाइफ में एक ऐसा मोड़ आ जाता है। जहां से आपको निकलना मुश्किल हो जाता है ।

ऐसे में आपके लिए बेहतर यही होगा। आप अपनी लाइफ में move on करे। जो कुछ भी हुआ उसे भूल जाए । साथ ही अपनी प्रेमिका को भी यही समझने का प्रयास करे।

अगर आपको अपनी लाइफ सुकून और चैन से जीनी हैं । यही है , शादी के बाद भी अपनी प्रेमिका के साथ संबंध रखना वाले प्रश्न का बेहतर जवाब ।

क्या शादी के बाद भी प्रेमी या प्रेमिका से बात करनी चाहिए || Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Kya Antar Hota Hai

नही, बिल्कुल भी नही, अगर आप शादी के बाद भी प्रेमी या प्रेमिका से बात करते है। तो आप जीवन को नर्क बना देते है। मेरा अनुभव है ,

जब मैं शादी के बाद अपनी प्रेमिका से बात करना सुरु किया तो वास्तव में मेरी जिंदगी एक भयानक रूप ले लिया । मैं पत्नी के साथ रहता तो डर लगा रहता कही प्रेमिका का फोन न आ जाए।

और मेरी पत्नी भी मुझे लेकर असमंजस में थी । आखिर मैं डरा डरा और सहमा सहमा क्यों रहता हु। जब भी वो बात करती , तो पूरा यादों में ले जाकर मुझे बेचैन कर देती थी ।

उसे एक लम्हा याद था। और मैं भी सब कुछ जानकर सहम जाता। और फिर मुझे पत्नी को छोड़ देने का जिक्र करती। और भागने के लिए फोर्स करती थी।

ऐसे में मैं पागल हो जाता, आखिर में पत्नी से दूरी हो जाती थी। जिस बात को पत्नी भी समझने लगी थी। और फिर लाइफ में एक ऐसा कलह आ गया ।

Shadi Ke Pahle Pyar Aur Shadi Ke Dusre Pyar Me Antar-

जिसे झेल पाना मुश्किल हो गया था। लगता था आत्महत्या ही एक आखिरी ऑप्शन है ।यह मेरा अनुभव था , कितना आप सही लगे या गलत मुझे नही पता। यह मुझे नही पता।

लेकिन मैं अपनी तरफ से आपको सलाह देना चाहता हु। अगर आप लव में है । और आपकी शादी हो गई है । तो आप कतई भी शादी के बाद अपनी प्रेमिका या प्रेमी से संबंध न रखे। दो नाव की सवारी जिंदगी को गर्त में डाल देती है।

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